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सोमवार, 26 मार्च 2018

Yogeshvarmaharaj1204@gmail.com vachan

1 एक नदी अपनी ताकत से नहीं बल्कि अपने सतत प्रयास के कारण, चट्टान को काटकर अपना रास्ता बना लेती है। 

 2 सभी तरह की बाधाओं, हतोत्साह और असम्भाव्यता के होने के बावजूद स्थिरता, दृढ़ता और सतत प्रयास का होना ही शक्तिशाली को कमजोरों से अलग करता है

 3 जूनून आपके काम को शुरू करता है, उम्मीद आपको चलते रहने की प्रेरणा देती है और सतत प्रयास आपके काम को पूरा कर देता है।( Persistence always pays off )

4 महत्वकांक्षा सफलता का रास्ता है, सतत प्रयास ही वह वाहन है जिस में बैठकर आप मंजिल तक पहुँचते हैं।

5 सतत प्रयास और लगातार कोशिश का फल अवश्य मिलता है। ( Ambition is path to success. Persistence is the vehicle you arrive in ) 



                         

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Yogeshvar vachan

                         सतत प्रयास, पूर्णता से ज्यादा महत्वपूर्ण है।

→→दुनिया में सतत प्रयास की जगह कोई नहीं ले सकता। प्रतिभा भी नहीं; असफल प्रतिभावान लोगो से ज्यादा सामान्य कोई बात नहीं। जीनियस भी नहीं क्यों की “असफल जीनियस” तो लगभग एक कहावत बन चूका है। शिक्षा तो कतई नहीं दुनिया शिक्षित लोगो से भरी पड़ी है जो नाकामयाब हैं। सतत प्रयास और संकल्प ही सर्वशक्तिमान हैं।

⇉  When you chase a dream, you learn about yourself. You learn your capabilities and limitations, and the value of hard work and persistence


⇒  जब आप किसी सपने का पीछा करतें है तो आप अपने बारे में भी सिखतें हैं। आप अपनी योग्यताओं और सीमाओं को जानतें हैं। और आपको कड़ी मेहनत और सतत प्रयास के महत्त्व का पता चलता है 

⇥  धेर्य, सतत प्रयास, और कड़ी मेहनत मिलकर सफलता का अजेय फार्मूला बनातें हैं  

   लोग बहुत जल्द हार मान लेतें हैं इसका पहला कारण यह है की, वह यह देखतें हैं की उन्हें अभी               कितनी दूर और जाना है बजाय इसके की वे कितने दूर तक आ गएँ हैं।


               

इस बात से फर्क नहीं पड़ता की आप कितने धीरे चल रहे हो जब तक की आप चलते रहें।

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Yogeshvar vachan

           थोडा प्रयास और, थोड़ी सी मेहनत और, निराशाजनक असफलता                              भी शानदार सफलता में बदल जाएगी 

हर मानने वाला व्यक्ति यह कहता है की “बस बहुत हुआ, यह कभी नहीं होगा, में इसे पूरा नहीं कर सकता, मुझमे योग्यता नहीं है”, लेकिन लगातार मेहनत करने वाला व्यक्ति इसी स्थिति में यह कहेगा की “अभी नहीं, में थोडा प्रयास और करना चाहता हूँ, मुझे लगता है की में इसे हल कर लूँगा

जो चीज़ आप चाहते हैं उस पर अपने चेतन मन को केन्द्रित रखिये, और आपका अवचेतन मन, बिना किसी गलती के उस तक पहुचने का रास्ता आपको बताएगा।

परसिसटेन्स का मतलब है कभी हार ना मानना। यह विपात्ति से नज़रें मिलाकर यह कहना है की “मुझे यह विषमतायें पसंद हैं”, यह हटने से इंकार कर देना है। इसका मतलब है बिना किसी भटकाव के एक उद्देश्य में यकीन रखना है।

दुनिया में कई ऐसे असफल लोग हैं जो यह नहीं समझ पाए की वे सफलता के कितने करीब थे जब उन्होंने हार मान ली



 में सफलता का सबसे बड़ा सिद्धांत जानता हूँ और वह यह है की अगर में काफी लम्बे समय तक प्रयास करूं तो में जीत जाऊंगा।



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Yogeshvar vachan सफलता छोटे छोटे प्रयासों का जोड़ है, जो हर रोज़ दोहराएँ जाते हैं

      सफलता छोटे छोटे प्रयासों का जोड़ है, जो हर रोज़ दोहराएँ जाते हैं


 जिस काम में हम लगातार कोशिश करते हैं वह आसान बन जाता है, वह काम खुद तो आसन नहीं हो जाता बल्कि हमारी उस कार्य को करने की योग्यता और क्षमता विकसित हो जाती है”  

आप आज ही सब कुछ नहीं कर सकते, बड़े लक्ष्यों को केवल धेर्य, सतत प्रयास, और हर रोज़ उस दिशा में बढ़कर ही हांसिल किया जा सकता है।


अनभ्यासेन विषं विद्या ।
( बिना अभ्यास के विद्या कठिन है / बिना अभ्यास के विद्या विष के समान है )
बिना अनुभव कोरा शाब्दिक ज्ञान अंधा है.





                       

अनुभव-प्राप्ति के लिए काफी मूल्य चुकाना पड़ सकता है पर उससे जो शिक्षा मिलती है वह और कहीं नहीं मिलती । 
अनुभव की पाठशाला में जो पाठ सीखे जाते हैं, वे पुस्तकों और विश्वविद्यालयों में नहीं मिलते ।

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Yogeshavr vachan / amrit vachan / anmolvachan /sl

धूल भी पैरों से रौंदी जाने पर ऊपर उठती है, तब जो मनुष्य अपमान को सहकर भी स्वस्थ रहे, उससे तो वह पैरों की धूल ही अच्छी।– माघकाव्य
 
 इतिहास इस बात का साक्षी है कि किसी भी व्यक्ति को केवल उसकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित नहीं किया जाता। समाज तो उसी का सम्मान करता है, जिससे उसे कुछ प्राप्त होता है।
 
अपमानपूर्वक अमृत पीने से तो अच्छा है सम्मानपूर्वक विषपान |
 
अपमान और दवा की गोलियां निगल जाने के लिए होती हैं, मुंह में रखकर चूसते रहने के लिए नहीं।
 
गाली सह लेने के असली मायने है गाली देनेवाले के वश में न होना, गाली देनेवाले को असफल बना देना। यह नहीं कि जैसा वह कहे, वैसा कहना।
 
 मान सहित विष खाय के , शम्भु भये जगदीश ।बिना मान अमृत पिये , राहु कटायो शीश ॥



                       



शब्द मुफ्त में मिलते हैंआप जैसा उपयोग करेंगेवैसी कीमत चुकानी पड़ेगी

  बिना कारण कलह कर बैठना मूर्ख का लक्षण हैं। इसलिए बुद्धिमत्ता इसी में है कि अपनी हानि
 सह ले लेकिन विवाद न करे ।


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Yogeshvar vachan

                            धनधान्यप्रयोगेषु विद्यासंग्रहणेषु च ।                 आहारे व्यवहारे च , त्यक्तलज्जः सुखी भवेत ॥

( धन-धान्य के लेन-देन में , विद्या के उपार्जन में , भोजन करने में और व्यवहार मे लज्जा-सम्कोच न करने वाला सुखी रहता है । )
मछली एवं अतिथि , तीन दिनों के बाद दुर्गन्धजनक और अप्रिय लगने लगते हैं ।

A women’s best jewellery is her shyness (एक लड़की की सबसे सुन्दर ज्वेलरी उसकी शर्म होती है.)
                    आपका आज का पुरुषार्थ आपका कल का भाग्य है
Shyness is just egoism out of its depth – शर्म, गहराई में एक तरह का अहंकार ही है – 

The way you overcome shyness is to become so wrapped up in something that you forget to be afraid
शर्मीलेपन को ख़त्म करने का उपाय यह है की आप की आप किसी विषय में इतने डूब जाएँ की आप घबराना ही भूल जाएँ.

Believe in you flyness, conquer your shyness –
अपने मनमोजीपन में विश्वास करो और अपने शर्मीलेपन को ख़त्म कर दो – कन्ये वेस्ट

Shyness is invariably a suppression of something. It’s almost a fear of what you’re capable of. 
सी चीज़ को दबाना ही है. यह अपनी शक्तियों के बारे में, लगभग एक डर की भावना है.

में यह सोचता हूँ की हमारे और हमारे आदर्श स्वरुप के बीच में कई अवरोध (ब्लॉक्स) होते हैं, चाहे वह शर्मीलापन, असुरक्षा, चिंता हो या फिर कोई भोतिक रूकावट, और उस व्यक्ति की कहानी वास्तव में प्रेरणादायक होती है जो अपने इस ब्लाक को हटा देता है. 

वैज्ञानिकों ने शर्मीलेपन का जीन खोज लिया है, उन्होंने इसे बहुत पहले खोज लिया होता, लेकिन यह दुसरे जिंसो के पीछे छुपा हुआ था
 हर इक बदनसीबी आने वाले कल की खुशनसीबी का बीज लेकर आती है .

                           


सच्ची मित्रता का नियम है कि जाने वाले मेहमान को जल्दी बिदा करो और आने वाले का स्वागत करो ।

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Yogeshvar vachan

           एक बेहतरीन इंसान अपने व्यवहार से ही पहचाना जाता है,               वरना अच्छी बातें तो दीवारों पर भी लिखी होती हैं।


     दौलत क्या चीज़ है, जब आती है तो इंसान खुद को भूल जाता है।
            और जाती है तो ज़माना उस को भूल जाता है।



        विनम्र तो सबके साथ रहें, लेकिन घनिष्ठ कुछ एक के साथ ही।

        बुद्धिमत्ता की पुस्तक में ईमानदारी पहला अध्याय है।

     गलती करने की बजाय देर करना कहीं अधिक अच्छा होता है।



                   


 क्या आप जानना चाहते हैं कि आप कौन हैं? तो किसी से पूछिये मत।  कार्य करना शुरू कर दें। आपका कार्य आपको परिभाषित एवं चित्रित कर देगा।



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माता के नौ दिव्या रूपों का वर्णन

 नवरात्र के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। हर एक रूप का अपना अलग महत्व और कथा है, जो भक्तों को शक्ति, साहस,...