सफलता छोटे छोटे प्रयासों का जोड़ है, जो हर रोज़ दोहराएँ जाते हैं
जिस काम में हम लगातार कोशिश करते हैं वह आसान बन जाता है, वह काम खुद तो आसन नहीं हो जाता बल्कि हमारी उस कार्य को करने की योग्यता और क्षमता विकसित हो जाती है”
आप आज ही सब कुछ नहीं कर सकते, बड़े लक्ष्यों को केवल धेर्य, सतत प्रयास, और हर रोज़ उस दिशा में बढ़कर ही हांसिल किया जा सकता है।
अनभ्यासेन विषं विद्या ।
( बिना अभ्यास के विद्या कठिन है / बिना अभ्यास के विद्या विष के समान है )
बिना अनुभव कोरा शाब्दिक ज्ञान अंधा है.
अनुभव-प्राप्ति के लिए काफी मूल्य चुकाना पड़ सकता है पर उससे जो शिक्षा मिलती है वह और कहीं नहीं मिलती ।
अनुभव की पाठशाला में जो पाठ सीखे जाते हैं, वे पुस्तकों और विश्वविद्यालयों में नहीं मिलते ।
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